कहां है वो लोग…

प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा देश में सम्पूर्ण लाकडाउन की घोषणा के सात दिन खत्म होने के बाद मेरे कुछ सवाल: 1. कहां गये वो लोग जिन्हें बहुत जल्दी थी? 2. आज ही होना चाहिए, नहीं चलेगा जैसे डायलाग कहां गये? 3. Urgent, urgency, today itself, very fast, very important, commitment, failure of commitment,do it now,not acceptable,why, unhappy,need… Continue reading कहां है वो लोग…

कोरोना-वायरस और भारत

अभी पिछले महीने की बात है एक तरफ़ चीन के वुहान शहर कोरोना वायरस के संक्रमण के चपेट में था वहीं दूसरी ओर हमारे देश भारत में दुनिया का सबसे पावरफुल नेता का आगमन हो रहा था। दिन 24 फ़रवरी यानी आज से लगभग एक महीना पहले एक तरफ़ चीन में कोरोना संक्रमण से लगभग… Continue reading कोरोना-वायरस और भारत

क्यों खौफ है?

क्यों खौंफ है,सारा जहां सहमा हुआ है,कुछ अजीब सा सन्नाटा है,गला काट भागम भाग के इस दौर में,सब ठहरा सा क्यों है,क्यों खौंफ है,झरोखों से देखती हुई,ये सहमी आंखें,कुछ पूछ रही हैं,कहना चाह रही है कुछ,आखिर क्यों खौंफ है,भरी दोपहरी में सड़कों परपंछियों की चहचहाहट,ये कौन सा दौर है,सब कुछ हासिल कर लेने की वो… Continue reading क्यों खौफ है?

विश्व मित्रता दिवस

आज पूरा विश्व मित्रता दिवस मना रहा है। सुबह से तरह-तरह के मेसेज मोबाइल में घुम रहा है। कोई कृष्ण और सुदामा के मित्रता को याद कर रहा है, कोई स्कूल के दिनों के दोस्तों को याद करते हुए और सोशल मीडिया को खंगाल रहा है, तो कोई अपने सबसे बड़े कमीने को दोस्त को… Continue reading विश्व मित्रता दिवस

डिजिटल डिपेंडेंसी और डिजिटल लिटरेसी

आज फोन लेने का एक भयानक अनुभव हुआ। मैं अपने आपको एक डिजिटल साक्षर आदमी मानता हूं। अक्सर जितना हो सके डिजिटल मीडियम ही प्रयोग करता हूं। फिर भी आज का अनुभव बहुत कुछ सीखा गया। सुबह एक नामी मोबाइल शाप पर गया और दुकानदार से जियो मोबाइल दिखाने का आग्रह किया। मेरी जरूरत सिर्फ… Continue reading डिजिटल डिपेंडेंसी और डिजिटल लिटरेसी

ये कहां जा रहे हैं हम?

ये कैसी दौड़ है, जहां सिर्फ भाग रहे हैं सब, क्या पाना है, क्यों पाना है, क्या जाना है सब? ये अंध दौड़, कहां ले जाएगी, क्या किसी ने सोचा है? बस भाग रहे- बस भाग रहे, भागम भाग मचा रहे, एक बार ठहर जा, थोड़ा रुक कर, पुछ ना इंसान खुद से, कितने तो… Continue reading ये कहां जा रहे हैं हम?

चौकीदार उवाच….

‘अब अन्नदाता बनेगा ऊर्जादाता’ – कब? ‘अब खेतों में फसलों के अलावा बिजली भी पैदा होगा’ – कैसे? ‘अपनी जरूरतें पूरी करने के बाद किसान बिजली बेच भी सकेगा’ – ओके ‘बीज से बाजार तक व्यवस्था में सुधार’ – कब? ‘बिजली पंप नहीं अब सोलर पंप’ – कब से? ‘हरित क्रांति के बाद अब सफेद… Continue reading चौकीदार उवाच….

पंजाब : दशहरा दुर्घटना

बहुत ही दुःखद घटना । नवरात्रि की सारी खुशियां एकदम से ग़म में बदल गया। लोगों के चित्कार , करूण क्रंदन से लोगों का कलेजा फट गया। ऐसा जान पड़ा मानो हर किसी के घर से कोई न कोई गया हो। अब दुर्घटना के बाद पोस्टमार्टम शुरू हो गया है। किसकी गलती है, ऐसा क्यों… Continue reading पंजाब : दशहरा दुर्घटना

*बढ़ते हुए पेट्रोल और डीज़ल के दाम पर आम आदमी और नेताओं की चुप्पी और सरकार के रवैए पर, ‘मेरा नज़रीया’*

*बढ़ते हुए पेट्रोल और डीज़ल के दाम पर आम आदमी और नेताओं की चुप्पी और सरकार के रवैए पर, ‘मेरा नज़रीया’* अत्यंत दु:खद है। पर मैं आपको एक बात दावे के साथ कह सकता हूं , लोकतंत्र में वोट का बहुत महत्व है। जनता को सब समझ आ रहा है। जनता भले ही अभी चुप… Continue reading *बढ़ते हुए पेट्रोल और डीज़ल के दाम पर आम आदमी और नेताओं की चुप्पी और सरकार के रवैए पर, ‘मेरा नज़रीया’*